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Rudra Trailer Out : अजय एक बार फिर कॉप लुक में

वेब सीरीज रुद्र द एज ऑफ डार्कनेस का ट्रेलर रिलीज(“Rudra - The Edge of Darkness"). इस वेब सीरीज से अजय देवगन (Ajay Devgn, Digital Debut) कर रहे हैं डिजिटल डेब्यू. रुद्र में अजय एक बार फिर कॉप लुक में नजर आ रहे हैं . अजय के अलावा में राशि खन्ना (Raashi Khanna), ईशा देओल (Esha Deol), अतुल कुलकर्णी, अश्विनी कालसेकर, तरुण गहलोत, आशीष विद्यार्थी और सत्यदीप मिश्रा प्रमुख भूमिकाओं में नज़र आएंगे. ‛रुद्र- द एज ऑफ डार्कनेस’ ब्रिटिश वेब सीरीज ‘लूथर’ की रीमेक है. ('Rudra - The Age of Darkness' is a remake of the British web series 'Luther'.)

बारावीच्या पुस्तकातील हुंडा ठरला वादग्रस्त





मुलगी कुरुप असेल तर जास्त हुंडा द्यावा लागतो, हे विधान महाराष्ट्र सरकारने प्रमाणित केलेल्या बारावीच्या पुस्तकात आल्याने चीड व्यक्त केली जात आहे. अनेक स्वयंसेवी संघटनांनी या पुस्तकांवर टीका केली आहे. 
या सर्वानी जरी टीका केली असली तरी यात काही प्रमाणात सत्यता असू शकते कारण अनेक वेळा अशा घटना समोर येत नाहीत. समाजातील अब्रूपोटी या गोष्टींना समोर आणण्यात कुटुंबाना भीती वाटते त्यामुळे सरकाच्या पुस्तकातील माहितीवर प्रश्न उपस्थित  करण्यापेक्षा या गोष्टींची सत्यता तपासावी. समाज फक्त बोलण्यात आधुनिक झाला आहे. हल्ली हुंडा मागण्याची नवीन पद्धत ही शोधली गेली आहे. लोक अशा प्रकारे हुंडा मागतात कि ज्याने असे वाटते कि ते हुंडा मागत नाहीत. आम्हाला काही नको पण मुलीसाठी  काही करूया असे म्हणून लोक हुंडा मागतात. हुंडा बळीची संख्या नेट वर सर्च केली तर सहज मिळते.  त्यामुळे सरकारने दिलेली माहिती खरी असू शकते. बुद्धिवाद्यांनी , सामाजिक संघटनांनी या हुंडा मागण्याच्या पद्धतीचा शोध घेऊन त्याविरुद्ध कठोर नियम बनवण्यासाठी, मार्गदर्शनाचे अन्य मार्ग शोधण्यासाठी सरकारला मदत करावी. सध्या तरी हुंडा बळीचे नियम कठोर असताना हुंड्यापायी बळी जाणाऱ्यांची संख्या एक प्रकारे समाजाचे अपयश आहे. 

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हम सभी ज्ञान के मामले में हमेशा एकदूसरे से तुलना करते है लेकिन खुद की तुलना करने के अलावा हम ज्ञानी लोगों की  भी एक-दुसरे से तुलना कर देते है. अल्बर्ट आइंस्टाइन, बाबासाहेब आंबेडकर, लिनार्डो दा विंसी, आइज़क न्यूटन यह प्रतिभा क्षेत्र के बड़े नाम है. हर व्यक्ति भी यही चाहता है की वह प्रतिभाशाली कहलाए. इसके लिए वह मेहनत भी करता है. हर व्यक्ति में कुछ न कुछ अच्छा गुण जरुर होता है. उस गुण को, उस शैली को उस व्यक्ति से कोई चुरा नहीं सकता. अल्बर्ट आइंस्टाइन, बाबासाहेब आंबेडकर, लिनार्डो डा विंसी, आइज़क न्यूटन इन प्रतिभाशाली व्यक्तियों की तरह एक और खास व्यक्ति है जिन्होंने अपने ज्ञान से सभी पर गहरी छाप छोड़ी है. दिवगंत श्रीकांत जिचकर के नाम 42 विश्वविद्यालयों से 20 डिग्रियां हासिल करने का रिकॉर्ड है। इस रेकॉर्ड को देखने, सुनने के बाद जुबान से एक ही शब्द निकलता है. अद्भुत. 1-   श्रीकांत जिचकार का जन्म-  श्रीकांत जिचकार का जन्म 14 सितंबर, 1954 को नागपुर के आजनगांव में हुआ. 2-   कौन-कौन सी थीं डिग्रियां... श्रीकांत ने सबसे पहले एमबीबीएस की डिग्री हासिल...

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