Skip to main content

Rudra Trailer Out : अजय एक बार फिर कॉप लुक में

वेब सीरीज रुद्र द एज ऑफ डार्कनेस का ट्रेलर रिलीज(“Rudra - The Edge of Darkness"). इस वेब सीरीज से अजय देवगन (Ajay Devgn, Digital Debut) कर रहे हैं डिजिटल डेब्यू. रुद्र में अजय एक बार फिर कॉप लुक में नजर आ रहे हैं . अजय के अलावा में राशि खन्ना (Raashi Khanna), ईशा देओल (Esha Deol), अतुल कुलकर्णी, अश्विनी कालसेकर, तरुण गहलोत, आशीष विद्यार्थी और सत्यदीप मिश्रा प्रमुख भूमिकाओं में नज़र आएंगे. ‛रुद्र- द एज ऑफ डार्कनेस’ ब्रिटिश वेब सीरीज ‘लूथर’ की रीमेक है. ('Rudra - The Age of Darkness' is a remake of the British web series 'Luther'.)

हारकर जीतनेवाले को टीम इंडिया कहते हैं



इंडिया-साउथ अफ्रीका टेस्ट सीरीज में बैट्समेन से ज्यादा बॉलर्स का जलवा रहा. टेस्ट सीरीज में इंडिया के 0-2 से सीरीज हार के बाद टीम इंडिया के बॅटिंग, प्लेयर के सिलेक्शन पर सवाल उठे. प्रेस काँफ्रेंन्स में विराट कोहली से टीम सिलेक्शन को लेकर सवाल पूछा गया. विराट कोहली के जवाब देने के तरीके से विराट कोहली पर भी सवाल उठने लगे. खैर विराट कोहली ने प्रेस काँफ्रेंन्स में सारे सवालों के जवाब में कहा कि हम नतीजों के हिसाब से प्लेइंग इलेवन नहीं चुनते. हम जहां भी खेलते हैं वहां अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश करते हैं.

सवालों के बीच फसी टीम इंडिया ने अपनी स्ट्रेंथ पर फोकस बनाए रखा और तीसरा टेस्ट मैच 63 रनों से जीत लिया. इस जीत के साथ साउथ अफ्रीका का इंडियन टीम पर 3-0 से जीत हासिल करने का सपना टूट गया. हालांकि साउथ अफ्रीकाने  2-1 से सीरीज अपने नाम की. विराट की जो पर्सनॅलिटी है , इंडियन प्लेयर्स का जो तरीका है उसके अनुसार यह टीम आनेवाले समय में हर जगह जीत हासिल करेगी. पर फ़िलहाल इस सीरीज की बात.

सीरीज में इंडियन बॉलर्स ने हर मैच में 20 विकेट लेकर टीम की जीत के लिए राह आसान की पर बैट्समैन उसका फायदा नहीं उठा पाए. लास्ट टेस्ट मैच को छोड़कर. लास्ट टेस्ट मैच में बैटिंग थोड़ी अच्छी हुई.

लास्ट टेस्ट मैच में चौथे दिन दूसरी इनिंग में साउथ अफ्रीका की टीम मजबूत स्थिति में थी. हाशिम अमला (52 रन)- डीन एल्गर (86 रन) ने दूसरे विकट के लिए 119 रनों की पार्टनरशिप कर साउथ अफ्रीका के जीत की नींव तैयार की. दोनों को आउट करना मुश्किल हो गया था. जब विकेट नहीं मिला तब बॉलर्स ने भी पेशंस दिखाया. बॉलर्स लगातार सही लाइन लेंथ के साथ बॉलिंग करते रहे.

लंच के बाद इंडियन बॉलर्स को उनके पेशंस ने जवाब दिया. ईशांत शर्मा ने हाशिम अमला (52 रन) को हार्दिक पंड्या के हाथों कैच आउट किया. इसके बाद इंडियन टीम साउथ अफ्रीका की टीम पर हावी हुई. साउथ अफ्रीका के बैट्समेन एबी डिविलियर्स (6 रन), क्विंटन डी कॉक (0 रन), कैप्टन फाफ डु प्लेसिस (2 रन), एंडिले फेहलुकवायो (0 रन), कगिसो रबाडा (0 रन) और वर्नोन फिलैंडर (10 रन) एक एक कर आउट हुए. एक तरफ विकेट गिर रहे थे दूसरी तरफ डीन एल्गर (86 रन) बनाकर डटे हुए थे. टीम इंडिया को आखिरी विकेट मोहम्मद शमी ने लुंगी एग्निदी (4 रन) को  विकेट के पीछे दिनेश कार्तिक के हाथों कैच आउट कर दिलाया.

मोहम्मद शमी ने पांच विकेट लिए, ईशांत शर्मा, जसप्रीत बुमराह ने 2-2 विकेट लिए. भुवनेश्वर कुमार ने एक  विकेट लिया.

सीरीज में सबसे ज्यादा 15 विकेट लेने वाले वेर्नोन फिलेंडर को मैन ऑफ द सीरीज का अवार्ड दिया गया. इंडिया के बात की जाए तब मोहम्मद शमी ने 15, जसप्रीत बुमराह ने 14, भुवनेश्वर कुमार ने 10 विकेट लिए. लास्ट मैच नहीं खेलनेवाले रविचंद्रन अश्विन ने सीरीज के पहले दो मैचों में कमाल की बॉलिंग की और बैट्समेन पर दबाव बनाकर रखने का काम किया और 7 विकेट लिए. बॉलर्स के अलावा बैटिंग में कैप्टन विराट कोहली और भुवनेश्वर कुमार सफल बैट्समेन रहे.

विराट कोहली इस सीरीज में एकमात्र बैट्समेन रहे जिन्होंने सेंच्युरी बनाई. दूसरे टेस्ट मैच में विराट ने 153 रनों की इनिंग खेली. अजिंक्य रहाणे को लास्ट टेस्ट मैच में मौका मिलने के बाद दूसरे इनिंग में अजिंक्य रहाणे ने 48 रनों की इम्पॉर्टेन्ट इनिंग खेली.

अब तक चेतेश्वर पुजारा सीरीज में अपनी काबिलियत के अनुसार रन नहीं बना पाए थे, पर लास्ट मैच के पहले इनिंग में चेतेश्वर पुजारा का डिफेंस कमाल का था. जब साउथ अफ्रीका के बॉलर्स को खेलना चैलेंज लगा रहा था उस समय चेतेश्वर पुजारा ने खूबसूरती के साथ साउथ अफ्रीका के बॉलर्स का सामना किया. चेतेश्वर पुजारा ने 53 बॉल बाद पहला रन बनाया.

3 मैचों की सीरीज में विराट कोहली ने सबसे ज्यादा 286 रन बनाए. भुवनेश्वर कुमार ने दो मैचों में 101 रन बनाए.  विराट कोहली के बाद हार्दिक पांड्या 119 रन बनाकर इंडिया के लिए सबसे ज्यादा रन बनाने के मामले में दूसरे नंबर पर है. इसके बावजूद भुवनेश्वर कुमार को हार्दिक से आगे रखने का कारण रन बनाना और विकेट लेना है. भुवनेश्वर कुमार ने पहले और लास्ट टेस्ट मैच में जब भी मौका मिला तब रन बनाए, इम्पॉर्टेन्ट पार्टनरशिप्स निभाई,  विकेट लिए और ऑल राउंडर का रोल प्ले किया.

भुवनेश्वर कुमार हमेशा खुद को इम्प्रूव करनेवाले खिलाडी है. ऐसे में यह देखना होगा की क्या विराट भुवनेश्वर को टेस्ट टीम में ऑल राउंडर के तौर पर आनेवाले सीरीज में मौका देते हैं या नहीं?

साउथ अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज से इंडियन टीम को बहुत कुछ सीखने मिला. टेस्ट सीरीज के बाद अब 1 फरवरी से वनडे सीरीज शुरू हो रही है.

Comments

Popular posts from this blog

ज्ञान का घर श्रीकांत जिचकार

हम सभी ज्ञान के मामले में हमेशा एकदूसरे से तुलना करते है लेकिन खुद की तुलना करने के अलावा हम ज्ञानी लोगों की  भी एक-दुसरे से तुलना कर देते है. अल्बर्ट आइंस्टाइन, बाबासाहेब आंबेडकर, लिनार्डो दा विंसी, आइज़क न्यूटन यह प्रतिभा क्षेत्र के बड़े नाम है. हर व्यक्ति भी यही चाहता है की वह प्रतिभाशाली कहलाए. इसके लिए वह मेहनत भी करता है. हर व्यक्ति में कुछ न कुछ अच्छा गुण जरुर होता है. उस गुण को, उस शैली को उस व्यक्ति से कोई चुरा नहीं सकता. अल्बर्ट आइंस्टाइन, बाबासाहेब आंबेडकर, लिनार्डो डा विंसी, आइज़क न्यूटन इन प्रतिभाशाली व्यक्तियों की तरह एक और खास व्यक्ति है जिन्होंने अपने ज्ञान से सभी पर गहरी छाप छोड़ी है. दिवगंत श्रीकांत जिचकर के नाम 42 विश्वविद्यालयों से 20 डिग्रियां हासिल करने का रिकॉर्ड है। इस रेकॉर्ड को देखने, सुनने के बाद जुबान से एक ही शब्द निकलता है. अद्भुत. 1-   श्रीकांत जिचकार का जन्म-  श्रीकांत जिचकार का जन्म 14 सितंबर, 1954 को नागपुर के आजनगांव में हुआ. 2-   कौन-कौन सी थीं डिग्रियां... श्रीकांत ने सबसे पहले एमबीबीएस की डिग्री हासिल...

Rudra Trailer Out : अजय एक बार फिर कॉप लुक में

वेब सीरीज रुद्र द एज ऑफ डार्कनेस का ट्रेलर रिलीज(“Rudra - The Edge of Darkness"). इस वेब सीरीज से अजय देवगन (Ajay Devgn, Digital Debut) कर रहे हैं डिजिटल डेब्यू. रुद्र में अजय एक बार फिर कॉप लुक में नजर आ रहे हैं . अजय के अलावा में राशि खन्ना (Raashi Khanna), ईशा देओल (Esha Deol), अतुल कुलकर्णी, अश्विनी कालसेकर, तरुण गहलोत, आशीष विद्यार्थी और सत्यदीप मिश्रा प्रमुख भूमिकाओं में नज़र आएंगे. ‛रुद्र- द एज ऑफ डार्कनेस’ ब्रिटिश वेब सीरीज ‘लूथर’ की रीमेक है. ('Rudra - The Age of Darkness' is a remake of the British web series 'Luther'.)

स्त्री को स्वतंत्रता का इंतज़ार

इस महिने और आनेवाले अनेक वर्षो तक भारत को कुछ बातें हमेशा याद रहेगी. उनकी चर्चा की जायेगी. यह बातें है राष्ट्रवाद (देशभक्ति) और स्त्री-पुरुष समानता की. देशभक्ति की तरह स्त्री-पुरुष समानता की बात अनेक वर्षो से हो रही है. 8 मार्च को पूरे दुनिया में स्त्री दिवस मनाया जाता है. इस दिन स्त्री शक्ति की बात की जाती है. स्त्री शक्ति के योगदान के लिए धन्यवाद दिया जाता है. इस दिन हर जगह अखबार से लेकर दूरदर्शन तक और आधुनिक समाज के लोकप्रिय माध्यम सोशल मीडिया तक इसे जोर शोर से मनाया जाता है. इस दिन स्त्री शक्ति के लिए ढेर सारे संदेश, कवितायें लिखी जाती है. 8 मार्च से पहले से ही सोशल मीडिया के माध्यम से अनेक संदेश, कवितायें एक दूसरे तक पहुंचाना (शेअर करना) शुरू हो जाता है. यह सब देखकर यही लगता है की नारी (स्त्री) शक्ति के महत्व को समाज बहुत महत्व देता है, उनका आदर करता है. पर असली बात यही शुरू होती है. समाज बस संदेश कवितायें शेअर करता है. समाज ने स्त्री शक्ति को आदर दिया है उसके महत्व को स्वीकार है यह बस कल्पनायें है, क्योंकि अगर समाजने स्त्री शक्ति को महत्व दिया होता, उसके प्रति आदर होता तो महि...